शनिवार, 26 सितंबर 2009
राजधानी में फिर पन्पा अपहृण उधोग
पटनाः राज्य में अचानक से बढ़े अपराध के कारण पुलिस महकमें की कारगुजारियों पर प्रष्न लगा दिया है. अपहरण जैसी वारदातों के बढ़ने से राज्य सरकार पर विरोधियों का प्रहार तेज हो गया है और क हीं न कहीं सुषासन का नारा हवा हवाई होता नजर आ रहा है.खैर गनीमत इस बात की है कि राजधानी के एक स्कूल से अपहृत कक्षा एक के छात्र श्रेष्ठ संजय को पुलिस ने सारण जिले से मुक्त करा कर उनके परिजनों को सकुषल पहुंचा दिया है पर इस घटना के उपरान्त बच्चों के अभिभावकों में असुरक्षा की भावना तो घर कर ही गयी है. यही कारण है कि अब अपने बच्चों को रिक्षा-टैम्पो चालकों के सहारे छोड़ने की बजाये वे खुद कार्यालयों से फुर्सत ले स्कूलों तक अपने बच्चों को साथ लाने के लिए पहुंच रहे हैं. यह राज्य सरकार के लिए गंभीर चुनौती है क्योंकि आज से चार साल साल पूर्व ला एण्ड आर्डर की स्थिति कुछ ऐसी ही थी जिसे मुद्दा बना राज्य की राजग सरकार राजग को उखाड़ फेंकने में सफल हो गयी थी. एडीजीपी हेडक्वाटर्स नीलमणि ने अपराधियों के चंगुल से बरामद श्रेष्ट को सारण जिले के बनियापुर के एक मकान में रखे जाने की बात कही है. वहीं से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया है. क्राइस्ट चर्च स्कूल में कक्षा एक का छात्र श्रेष्ठ संजय उर्फ मोहित को उस समय अगवा किया गया था जब वह आटो से स्कूल जा रहा था. उसका आटो गांधी मैदान से गुजर ही रहा था तभी तीन मोटरसाइकिल सवार अपराधियों ने आटो को रोक लिया और श्रेष्ठ को लेकर फरार हो गए थे. श्रेष्ठ के पिता संजय श्रीवास्तव एक फार्मास्यूटिकल्स कंपनी में क्षेत्रीय प्रबंधक के पद पर कार्यरत बताये जाते हैं. श्रेष्ठ के घर लौटने से उसके परिजन तो खुष हैं ही साथ में पटना पुलिस ने भी राहत की सांस ही है.
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