शनिवार, 26 सितंबर 2009
उपचुनाव में दलबदलुओं को करारा झटका
पटनाः उपचुनाव में दलबदलुओं को जनता ने करारा झटका लगाया है. उप चुनावों के परिणाम अधिकांश स्थानों पर चैंकाने वाले रहे. लोकसभा चुनाव में औंधे मुंह गिरे राजद-लोजपा गठजोड़ ने दमदार वापसी की. इनकी ठण्डी पड़ी दुकानें फिर से सज गयी हैं. राजद से जदयू में गये बोचहां व फुलवारी शरीफ के विधायक रमई राम व श्याम रजक चुनाव हार गये. राजद ने दोनों सीटें बरकरार रखीं हैं. गौरतलब है कि इन दोनों नेताओं ने पिछले पन्द्रह सालों से राजद की राजनीति की थी और लालू यादव के खासमखास में से एक रहे थे. ऐसे में राजग कार्यकर्ताओं और मतदाताओं के गले वे आसा नी से नहीं उतर रहे थे. यही कारण रहा कि कार्यकर्ताओं ने बेमन से प्रचार अभियान का संचालन किया और नतीजा सामने है. दूसरे यह कि पुराने परिसीमन के आधार पर हुए इस उपचुनाव में राजद के उम्मीदवारों के लिए यह क्षेत्र सेफ माना जा रहा था. जिसका लाभ राजद उम्मीदवार को मिला और फुलवारी और बोचहा दोनों जगह राजद उम्मीदवारों ने अपने पुराने दिग्गजों को पटखनी दे दी.फुलवारी विधानसभा क्षेत्र में जदयू के श्याम रजक को राजद के उदय मांझी ने कड़े मुकाबले में 1274 मतों से पराजित किया. मांझी को यहां 44,485 वोट मिले जबकि रजक 43,211 वोट पर सिमट गये. कांग्रेस के संजीव प्रसाद टोनी 19,406 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहे जबकि भाकपा के अकलू पासवान को 5115 मतों से ही संतोष करना पड़ा.निर्दलीय दिलिप कुमार को 1825 और अरविन्द कुमार को 1115 मत मिले. पुराने परिसीमन पर हुए इस अंतिम चुनाव में ष्याम रजक को राजद छोड़ना महंगा पड़ा और वे चुनाव हार गये. उनके हार के पीछे कई कारण प्रमुख रहे. पहला यह कि राजद के साथ इतने लम्बे समय तक रहने के बाद राजद को बुरे दिनों में छोड़कर जदयू में भागना उनके क्षेत्र के मतदाताओं को अच्छा नहीं लगा और उन्होंने इसे अवसरवादिता की श्रेणी में रखते हुए उनके खिलाफ मत दे दिया जिस कारण उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा. दल-बदलने का खामियाजा रमई राम को भी भुगतना पड़ा. वे लोकसभा चुनाव में राजद का टिकट नहीं मिलने पर कांग्रेस की टिकट पर गोपालगंज से चुनाव लड़े और हार गये. फिर उन्होंने जदयू का दामन थाम लिया और बोचहा से विधानसभा उपचुनाव लड़े जहां उन्हें राजद के उम्मीदवार मुसाफिर पासवान ने 4026 मतों के अन्तर से परास्त कर दिया.
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें