शनिवार, 26 सितंबर 2009
एम्स की निर्माण लागत तीन गुणी बढ़ी
पटनाः पांच साल पहले पटना में बनने वाले जिस आल इंडिया इंस्टिच्यूट आफ मेडिकल साइंस पटना का डिजाइन देर से स्वीकृति होने के कारण लागत बढ़ गयी है विलंब के कारण इस संस्थान के निर्माण की लागत 332 करोड़ से बढ़कर 843 करोड़ रुपये हो गयी है.. निर्माण कार्य आरंभ करने के लिए अगले सप्ताह टेंडर निकाले जाएंगे. ज्ञात हो कि यहां आवासीय परिसर बन रहा है. अस्पताल निर्माण के लिए अगले सप्ताह टेंडर निकाल दिए जाएंगे. इसके निर्माण कार्य के लिए मंत्रालय ने कई तकनीकी एजेंसियों से सहयोग लिया है. अस्पताल के निर्माण में हिन्दुस्तान लैटेक्स लिमिटेड मंत्रालय को सहयोग करेगा. पहले यह काम हास्पिटल सर्विसेज कन्सेल्टेंसी कारपोरेशन के जिम्मे था पर इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 100 एकड़ जमीन मुहैया करायी है. खगौल स्थित सिंचाई अनुसंधान परिसर की 33 एकड़ जमीन आवासीय परिसर और फुलवारीशरीफ स्थित वाटर एंड लैंड मैनेजमेंट इंस्टीच्यूट में मुख्य भवन के लिए 77 एकड़ जमीन दी गयी है. संस्थान में मेडिकल की पढ़ाई भी होगी और प्रत्येक वर्ष सौ छात्र-छात्राओं का नामांकन हो सकेगा. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों की इस प्रोजेक्ट में दिलचस्पी नहीं होने के कारण ही अब तक इसके डिजाइन को स्वीकृति नहीं मिल पायी थी. काउंसिल फार प्रोटेक्शन आफ पब्लिक राइट्स वेलफेयर की याचिका पर पटना उच्च न्यायालय ने जब निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने के आदेश दिए तब मंत्रालय सक्रिय हुआ और आरडीबी इंडस्ट्रीज से इसका डिजाइन तैयार कराया. जिसे मंत्रालय की तकनीकी कमेटी ने मंजूरी दे दी है. निर्माण कार्य दो सालों में मुकम्मल करने का लक्ष्य रखा गया है. याचिका दायर करने वाली संस्था के महासचिव महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने बताया कि विलंब के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार दोनों के ही अधिकारी समान रूप से कसूरवार हैं. उनके खिलाफ कार्रवायी होनी चाहिए. इसी के कारण लागत करीब तीन गुना बढ़कर 847 करोड़ रुपये तक पहुंच गयी है. राजद नेता वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि राज्य सरकार ने अभी तक जमीन को केन्द्र सरकार के नाम ट्रांसफर नहीं किया है. बिजली, पानी एवं सड़क भी मुहैया नहीं करायी गयी है. इससे योजना समय पर पूरा हो भी जायेगा इसमे संदेह ही है. ंपूर्व उपराष्ट्रपति भैरो सिंह षेखावत ने 3 जनवरी, 2004 को इसकी आधारशिला रखी थी. उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत आठ राज्यों में एम्स का निर्माण किया जाना है जिनमें बिहार के अलावा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, राजस्थान, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल तथा उत्तर प्रदेश शामिल हैं.
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