रविवार, 30 अगस्त 2009

फुलवारीशरीफ उपचुनाव में मचेगा घमासान

पटना: फुलवारीशरीफ विधानसभा उपचुनाव में श्याम रजक जदयू के उम्मीदवार हैं जबकि उदय कुमार मांझी राजद के और कांग्रेस की टिकट पर संजीव प्रसाद टोनी ने नामांकन दायर किया वहीं माले से अकलू राम उम्मीदवार हैं। यहां की लड़ाई मजेदार है। ीरजद और जदयू दोनों ने ही अपने पुराने कार्यकर्ताओं को टिकट न देकर दूसरे दल से आये उम्मीदवार को टिकट सौंप कर निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की है जबकि कांग्रेस और माले ने अपने पुराने कार्यकर्ताओं को चुनाव मैदान में उतारा है।फुलवारीशरीफ विधानसभा क्षेत्र से काग्रेस पार्टी से संजीव प्रसाद टोनी और माले से अकलू राम ने नाम निर्देशन का पर्चा दाखिल किया। नामांकन के साथ दाखिल हलफनामे में अकलू के पास इंदिरा आवास तो टोनी के पटना, रांची और दिल्ली में मकान दिखाया गया है। उधर भाकपा माले प्रत्याशी अकलू राम हत्या, मारपीट सहित कई अन्य मामले के आरोपी हैं। 21 अगस्त 07 को जमानत पर रिहा अकलू के पास रहने के लिए इंदिरा आवास, पानी पीने के लिए चापाकल और एक मोबाइल संपत्ति के रूप में है। पत्नी के पास चांदी के पायल और चेन हैं। ऐसे कम पूंजी के अकलू फुलवारी में जदयू और कांग्रेस के लखपति उम्मीदवारों के सामने कितना टिकते हैं यह वक्त बतायेगा। जो भी हो इस सीट पर सभों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। राजद को अलविदा कह जदयू की टिकट पर चुनाव लड़ रहे ष्याम रजक पर घोर अवसरवादिता कर आरोप है तो राजद उम्मीदवार भी दल बदल कर चुनाव लड़ रहे हैं। गत चुनाव में ष्याम रजक लगभग छह सौ मतों के अन्तर से चुनाव जीते थे यही कारण है कि वे राजद की बजाये इस उपचुनाव में जदयू उम्मीदवार की हैसियत से चुनाव मैदान में हैं।

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