शनिवार, 7 नवंबर 2009

सुर-संग्राम के विजेता आलोक को फैसले पर ऐतराज

पटना: सुर-संग्राम का फाइनल ऐतिहासिक गांघी मैदान में एक खूबसूरत मुकाम पर पहुंच कर संपन्न हुआ. बिहार के आलोक कुमार व उत्तर प्रदेश के मोहन राठौर को संयुक्त रूप से विजेता घोषित करते हुए आयोजकों ने 25-25 लाख रुपये का चेक व बाइक की चाबी थमा दी पर इस कार्यकम के विजेता आलोक कुमार को इस बात का मलाल है कि उन्हें दो प्रतिशत अधिक मत आने के बाद भी एकल विजेता क्यों नहीं घोषित किया गया. शनिवार को लोजपा कार्यालय में आलोक का भव्य स्वागत किया गया. राज्य का नाम रौशन करने वाले इस कलाकार को लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान, प्रदेश लोजपा अध्यक्ष पशुपति नाथ पारस और दलित सेना के राष्टï्रीय अध्यक्ष रामचन्द्र पासवान ने मिठाई खिलाया और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की.आलोक राज्य के लखीसराय का निवासी है.
आलोक से जब यह पूछा गया कि उन्हें दो प्रतिशत अधिक मत आने के बाद भी क्यों नहीं विजेता घोषित किया गया इस पर अपनी प्रतिक्रिया में आलोक ने कहा कि किस नियम के तहत ऐसा किया गया यह तो महुआ चैनल ही जाने पर दो प्रतिशत अधिक वोट काफी अधिक होता है.प्रतियोगिता में एक-एक वोट कीमत होती है. आयोजकों द्वारा दोनों को 25-25 लाख प्रदान करना दूसरी बात है पर उसे मंच पर विजेता घोषित करना चाहिए था.उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम के संचालक व एंकर भोजपुरी फिल्म के सुपर स्टार रवि किशन बार-बार यह कहते सुने गये कि जीतेगा बिहार कि यूपी इसका फैसला प्रतिभागियों को प्राप्त वोटों से पता चलेगा पर ऐन वक्त पर दोनों को विजेता घोषित कर दिया गया.

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