गुरुवार, 19 अगस्त 2010

मुंगेर जिले की तीनों सीटों पर होगा कांटे का संघर्ष

मुंगेरः मुगेर जिला के तीन विधानसभा क्षेेत्रों में दो पर राजद और सीट अभी जदयू.के कब्जे में है।बिहार विधानसभा चुनाव 2010 के बिगुल फूंके जाने के साथ मुंगेर विधानसभा क्षेत्र का चुनावी परिदृष्य लगातार साफ होने लगा है। चुनाव नये परिसीमन पर होना है। 1995 के चुनाव तक मुंगेर विधानसभा क्षेत्र कांगे्रस का मजबूत गढ़ हुआ करता था। इसके बाद अन्य दलों ने कब्जा जमाया। तब इस विधानसभा क्षेत्र में मुंगेर नगर परिड्ढद,सदर प्रखण्ड और जमालपुर की चार पंचायतों बांक,इन्द्ररूख पूर्वी,पष्चिमी एवं
नया रामनगर पंचायत हुआ करता था लेकिन नये परिसीमन में इस क्षेत्र का भुगोल ही बदल गया और अब इस क्षेत्र में मुगेर नगर सदर प्रखण्ड की सभी पंचायतों ,मुंगेर नगर निगम का इलाका एवं बरियारपुर प्रखण्ड की ग्यारह पंचायतों को षामिल किया गया है। इस तरह अब इस क्षेत्र में मतदाताओ की कुल संख्या 272796 जिसमें पुरूड्ढ-151706 और महिला -121090 है। बढ़ती महिलाओ की जागरूकता से आगामी चुनाव में मतदान की भूमिका अहम होगी। यह क्षेत्र गंगा नदी के तट पर अवस्थित है। इस क्षेत्र का ऐतिहासिक ,पुरातात्विक एवं आध्यात्मिक दृष्टिकोण से काफी महत्व है। मुंगेर को कभी अंग और मगध की राजधानी बनने का सौभाग्य प्राप्त था। योग विद्यालय के कारण मुंगेर योग नगरी के नाम से ख्यात है। कल कारखनों की दृष्टि से पहला बन्दूक अैार सिगरेट कारखाना यहीं स्थापित है। दियारा की भूमि काफी उपजाऊ है। यहां का मुख्य फसल-गेहूं,खंढ़ी, दलहन,-तेलहन एवं धान है, किन्तु किसानो को अपेक्षित सरकारी मदद का अभाव है। नौवागढ़ी को प्रखण्ड का दर्जा दिलाने के मुद्दे पर यदा-कदा आन्दोलन होता रहा है। यद्यपि नौवागढ़ी नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता है । मुंगेर में अवैध हाथियार निर्माण का धंधा खुब फल-फूल रहा है । इस क्षेत्र का चहुंमुखी विकास अब तक यथोचित सम्भव नहीं हो पाया है। विधुत आपुर्ति की व्यस्था चरमरायी हुई है। मुंगेर नगर निगम ,सदर प्रखण्ड और बरियारपुर में पेयजल की समस्या भयावह है। मुंगेर नगर निगम में तो पिछले आठ वड्र्ढो से जलपूर्ति व्यवस्था ठप है । क्षेत्र के लोगों का मुख्य पेषा नौकरी ,व्यवसाय और खेती है। सदर प्रखण्ड का दियारा क्षेत्र प्रत्येक वड्र्ढ बाढ़ और कटाव से प्रभावित होता रहा है। बरियारपुर में कटाव पीड़ितोें के सामने पुर्नवास की समस्या ज्यों की त्यों बरकरार है। इस क्षेत्र में नगर निगम क्षेत्र के 70 प्रतिषत लोग एलपीजी का इस्तेमाल करते है किन्तु, सदर प्रखण्ड और बरियारपुर में एलपीजी के प्रयोग का औसत कम है। मुंगेर विधान सभा क्षेत्र की कुल आबादी 390147 जिसमें अनुसचि जाति 9.68 प्रतिषत ,अनुसूचित जनजाति 0.27 प्रतिषत ,मुसलमान 12.64 प्रतिषत तथा साक्षरता दर 61 प्रतिषत है।
1995 के चुनाव में डा. मोनाजिर हसन राजद की टिकट पर जीते । इसके बाद से लगातार उन्हीं का कब्जा रहा है। वे मंत्री बने इस दौरान डा. हसन राजद को छोड जदयू में षामिल हुए । 2009 के लोकसभा चुनाव में बेगूसराय संसदीय क्षेत्र से उनके सांसद बनने पर मुंगेर में इसी वड्र्ढ उपचुनाव हुआ । इस उपचुनाव में राजद प्रत्याषी विष्वनाथ प्रसाद गुप्ता ने जदयू के प्रत्याषी मो.सलाम को 4151 मतों से पराजित किया। मुंगेर के राजद विधायक विष्वनाथ प्रसाद गुप्ता अपने सीमित क्षेत्र की जनता के दिलों में गहरी छाप छोड़ी है। उनकी टिकट छीनने के लिए राजद के भीतर सुगबुगाहट तेज है। इस पार्टी से टिकट के दावेदारी में वरिष्ठ राजद नेता अरविन्द चैरसिया,मंुगेर नगर निगम के उपमुख्य पाड्र्ढद सुनील राय, पार्टी महासचिव संजय पासवान, प्रो..अनिल भूड्ढण ,परवेज चांद,वार्ड आयुक्त मनोज गुप्ता एवं रणजीत गुप्ता आदि के नामों की चर्चा है। मंुगेर से लोजपा के उम्मीदवारी की दौर में क्रमषः बी.डी.ओ.सिंह, मो. जुवैर आलम उफ्र्र फूल, संजय यादव एवं लोपजा के प्रदेष महासचिव सह प्रवक्ता राकेष कुमार मंडल के नामों की चर्चा है। सत्तारूढ़ राजग गठबंधन के जदयू में भी टिकटार्थियों की लम्बी सूची में है। जदयुू से मो. सलाम, मो. मुस्ताक खां, ज्ञानचन्द पटेल तथा डा. हसन की धर्मपत्नी एवं जिला जमीउत राइन के मुख्य संरक्षक मो. इस्लाम के नामों का उल्लेख है। राजग गठबन्धन भाजपा भी चुनाव मैदान में मुंगेर उवं जमालपुर क्षेत्र से टिकट पाने की दौर एवं दावे में है। भाजपा से मुंगेर नगर अध्यक्ष राजेष जैन एवं प्रो. अजफर षमसी भी मंुगेर विधानसभा क्षेत्र के लिए टिकट पाने हेतु पार्टी में दबाव बनाने में लगे हुए है। इधर समाजवादी पीर्टी के जिला अध्यक्ष पप्पु यादव भी चुनाव मैदान में उतरने के लिए तत्पर है। यदि कांगे्रसी खेमे की तरफ निगाह करते हैं तो कांगे्रस अपनी खेयी जमीन हासिल करने के लिए कोइ कसर छोड़ना नहीं चाहती। कांगे्रस का टिकट पाने के लिए जोर लगाने वालो में पूर्व केन्द्रीय मंत्री डी.पी.यादव, मो. षहजाद, पूर्व जिलाध्यक्ष वासुदेव साह, जिलाध्यक्ष अरूण कुमार यादव, प्रभात कुमार मिश्र, फिल्म निर्देषक प्रीतम सिंह, इनामुल हक,प्रो. देवराज सुमन एवं मो.जावेद गनी के नामों की चर्चा जोरों पर है। अब तो वक्त ही बताएगा कि आने वाले दिनों में कौेन-कौन लोग अपनी-अपनी पार्टी से टिकट पाने में सफल होते हैं और चुनावी राजनीतिक का इतिहास रचने में सफल होते है।

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