माँ नही रही पिछले ९ जून 2009 को उनका निधन हो गया,मैं उनके पास उस समय नही था यह मेरे लिए दुखद था जिसके लिए मैं जीवन भर ख़ुद को माफ़ नही कर सकूँगा।
शमशाद आलम
बुधवार, 24 जून 2009
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)

आपके दुख में हम सब आपके साथ हैं.ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे.
जवाब देंहटाएंvinamra shraddhanjli !
जवाब देंहटाएंमां नहीं है वाकई शून्य का अहसास होता है-चलिये ब्लॉग जगत हमें अपने व्यक्तिगत दुख को सार्वजनिक करने का माध्यम तो देता है
जवाब देंहटाएंमेरी कविता मां नहीं है पढना चाहे तो यहां आएं
http//:katha-kavita.blogspot.com/
shyaam
naman.narayan narayan
जवाब देंहटाएंआपके दुख में हम सब आपके साथ हैं.ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे.
जवाब देंहटाएंबहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्लाग जगत में स्वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
जवाब देंहटाएं